ऑस्ट्रेलिया जैसे multicultural देश में हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि तेजी से उभरती हुई एक आवाज बन रही है। खासकर उस भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच जिसके लिए cricket एक जज्बा है। इसी बढ़ते दायरे के साथ National Indigenous Cricket Championship भी हिंदी commentary के जरिए नए दर्शकों तक पहुंच रहा है। SBS हिंदी पर मैं हूं नबील हसन और आज हम बात कर रहे हैं संजीव दुबे से, जो इस tournament से हिंदी commentator के रूप में जुड़े हैं। संजीव एक coach और commentator दोनों हैं और अपने कई वर्षों के अनुभव के बदौलत cricket को गहराई से समझते हैं। भारतीय समुदाय के cricket के इस जुनून के बीच NICC जैसे बड़े tournament के लिए हिंदी में commentary करना उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
मेरे लिए एक सौभाग्य और कह सकते हैं एक बड़ा proud moment और मेरे को गौरवान्वित करने वाला एक यह मौका मैं कहूंगा अपने लिए और
ना ही सिर्फ मेरे लिए और जो तमाम Indian community है उनके लिए हिंदी में commentary लेकर आना, उनके लिए सोचना भी एक हमारे लिए बड़ा ही सम्मान की, सम्मान की चीज है। तो I am very lucky to one of the person who will connect through my voices, through हिंदी commentary। हम अपने जो Indian diaspora है उसके साथ cricket को लेकर connect होंगे।
संजीव एक coach के रूप में आप cricket को अलग नजरिए से देखते हैं। आपके हिसाब से Indigenous cricket को national spotlight मिलना Australian cricket और उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए कितना जरूरी है?
मेरे ख्याल से कहते हैं यह it was about time और यह जो है बहुत जरूरी है। एक अलग platform create करता है और ना ही cricketers के लिए but एक जो Indigenous community है उनके culture को identify करता है और through cricket celebrate करता है। क्योंकि यह Indigenous cricket festival आप कह लें या tournament कह लें या national event कह लें, आप national स्तर पर उस चीज को लेकर आ रहे हैं तो यह तारीफ करनी होगी और यह जैसे-जैसे होता रहेगा वैसे-वैसे तमाम जो Indigenous
community के young हैं, youths हैं वो cricket को follow करेंगे, cricket से जुड़ेंगे और उससे उनको एक equal respect और visibility की जो हम अक्सर बात करते हैं उनको भी यह मौका मिलेगा। आज की तारीख में आप देख रहे होंगे कि हिंदुस्तान में कितने सारे cricket हो रहे हैं और कब कहाँ से कौन सा खिलाड़ी निकल कर आ जाए हमें पता नहीं लगता आजकल। जैसे Delhi T20 League हो रहा है, उसी तरीके से UP T20 League हो रहा है, MP T20 और वहाँ पे अचानक एक दो ऐसे innings होते हैं जिससे वो खिलाड़ी जो कि कहीं नहीं दिख रहा होता अचानक, अचानक दिखने लगता है और वो IPL जैसे तमाम big events में चला जाता है। तो शायद ऐसा ही कुछ किसी खिलाड़ी के लिए मौका हो सकता है कि वो यहाँ से उठकर big dash में चला जाए further time भी।
क्या ऐसे tournament सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि representation और recognition का भी एक platform बनते हैं?
Absolutely! यह देखिए जब आप अपनी community को represent करते हैं, अपने culture को represent करते हैं तो आपका
you are feeling proud about who you are, आप कौन हैं। तो आपने जो बात कही बिल्कुल यह recognition दोनों मिलकर एक strong, meaningful cricket के through एक ecosystem भी बनता है।
अच्छा, हिंदी commentary के जरिए इस tournament को South Asian audiences तक ले जाने की जो पहल है, उसे आप कैसे देखते हैं?
देखिए, जो मेरी पुरानी क्या कह सकते हैं, जो experiences रहे, जो लोगों से बातचीत,
लोगों ने जो commentary सुनी, उसके बाद लोगों का जो feedback रहा, जो, जो youth है, जो young है वहाँ पे भी यह कोशिश की जा रही है कि हिंदी से जुड़ें, अपने language से जुड़ें और अपनी language से जुड़े रहें वाली जो बात है तो यह उनके लिए एक मौका है और
मैं कहूंगा I am very lucky कि जब भी मैं cricket की commentary करता हूँ, मैं एक, एक लहजे और एक कह सकते हैं एक-- तमाम जो cricketer, cricket commentators हैं सुशील दोशी, जसदेव सिंह इन तमाम लोगों को सुनते हुए मैं बड़ा हुआ और जब भी मैंने commentary किया, मैं उन लोगों, उन लोगों की झलक मेरे commentary में भी नजर आई। और जो तमाम मेरे से, मेरे उम्र, हम उम्र वाले जो लोग थे उन्होंने मुझसे कहा ऐसा लगा कि हम हिंदुस्तान में हिंदी की commentary सुन रहे हैं तो मेरे लिए बहुत-- मुझे बहुत अच्छा लगा और कुछ हद तक वो जो हिंदी commentary थी, जो radio वाली commentary एक दफा इस
SBS के through फिर से जीवंत हो रही है और
we should be very grateful और thankful to-- जो भी efforts हो रहे हैं हिंदी को लेकर, cricket को लेकर, commentary को लेकर। यह एक platform है हर बहुत सारे लोगों के जुड़ने के लिए और एक साथ आगे बढ़ने के लिए।
अच्छा पिछले कुछ समय में एक चीज सामने आई है कि सिर्फ हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि भारत की कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी commentary देखने को मिली है और उसकी काफी सराहना भी हुई है। इस बढ़ते trend को आप कैसे देखते हैं?
आपने बिल्कुल बड़ी अच्छी बात कही कि अब हिंदी नहीं regional languages में भी लोग जो Indian cricket है उसमें connect होने की कोशिश की जा रही है। जैसे अभी हमने हाल फिलहाल उमेश यादव जो कि UP से आते हैं वो मगही-भोजपुरी mixed में commentary कर रहे थे। और
मैं भी चूंकि बिहार में बड़ा हुआ, UP का रहने वाला हूँ और Delhi वगैरह रहा तो एक mixed हिंदी मेरी भी है और तमाम languages मैं भी बोल पाता हूँ और कुछ multiple languages समझ पाता हूँ। कुछ multiple languages बोल भी पाता हूँ तो अअअ मुझे लगता है कि मैंइस तरीके से जो भी यह जो प्रयास किया जा रहा है या जो भी प्रयास हो रहा है यह सराहनीय है और इससे community को बहुत ही मजा आएगा इस commentary को सुनने में। मतलब अपने आप में एक अद्भुत बात है यह कि Australia के अंदर Hindi commentary और वह भी एक इस तरह का prestigious कहें Indigenous National Tournament में Hindi commentary लेकर आना बड़ी अच्छी बात है। It's a very nice gesture और सराहनीय हम कह सकते हैं इस बात को लेकर।
संजीव जी एक आखिरी सवाल अगर आप उन लोगों को guide कर पाएं जो cricket commentary को profession के रूप में देखते हैं तो उन्हें आप क्या सलाह देना चाहेंगे?
देखिए अगर मैं अपनी बात करूं तो यह मैं-- मेरा एक ऐसा सोचना है कि जो तमाम चीजें हैं यह childhood में आपके अंदर आ जाती हैं। अगर आप यहाँ पे radio से जुड़े हैं तो यह शायद आप बहुत young होंगे तो आपके दिलो दिमाग पर यह चीज छा गया होगा कि मैं भी radio में एक दिन बोलूं। वो और वो मौका जैसे मिलता है जो कहते हैं ना मौका पे चौका तो मौका पे चौका आपने मारा होगा। आज से 10, 12, 15 साल पहले यह बात फैली कि Australia में Hindi commentary होने वाला है तो मैंने भी अअअ जो भी था अअअ जो interview और जो भी हम कह सकते हैं अपना video अ-audio वगैरह भेजकर अअअ दिया। तो अअअ अगर कोई करना चाहे जो कहते हैं ना कि जहाँ चाह वहाँ राह और जहाँ चाह वहाँ राह तभी होगा जब आपके अंदर थोड़ा आत्मविश्वास रहेगा और धीरे धीरे चीजें जो है अपने आप त-तराशी जा सकती हैं। हम improve करते जा सकते हैं और कोशिश करना चाहिए। मैं सबको बोलूंगा अगर आपको किसी भी चीज में interest है, अगर आपके अंदर थोड़ा सा भी interest है it means कि आपके अंदर वो ability और capability दोनों है तो you must give a go और अगर आपको मजा आए तो आप लगातार करते हैं। नहीं मजा आए तो उसको as a experience अपने साथ रखें और आगे बढ़ते रहें।
SBS Hindi को आज अपना समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद संजीव जी।
नबील अअअ मुझसे बात करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया और hopefully जो तमाम Hindi listeners हैं Indians जो cricket को follow करते हैं इस बार Indigenous National Competition के semi-finals और finals I guess को Hindi में सुनना ना भूलें।
SBS Hindi के लिए यह report आपके लिए प्रस्तुत की नबील हसन ने।
इस audio podcast में व्यक्त किए गए विचार व्यक्तिगत हैं। SBS ना तो इनसे सहमत है और ना ही असहमत।
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